श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के सोने के सिक्के गायब सीसीटीवी बंद, पॉलिग्राफ जांच का आदेश पुलिस की जांच तेज

तिरुवनंतपुरम के पूर्वी किले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में इस साल मई में करीब 13 सोने के सिक्के गायब होने की शिकायत दर्ज हुई थी। यह सिक्के मंदिर के मुख्य कक्ष के मजबूत कमरे से गायब हुए थे। बताया गया कि सिक्के लगभग 107 ग्राम वजन के थे और उन्हें मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे की सोने की प्लेटिंग के लिए निकाला गया था। हालांकि बाद में ये सभी सिक्के मंदिर परिसर के अंदर ही मिले, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने इस घटना की शिकायत पुलिस से की।
कैमरे नहीं थे काम करते. संदिग्ध परिस्थिति
पुलिस की जांच में सामने आया कि जब सोने के सिक्के मजबूत कमरे से निकाले गए, उस दौरान मंदिर की सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इस कारण घटना की निगरानी संभव नहीं हो सकी। पुलिस ने इस बात पर भी जांच की कि यह कोई चोरी की कोशिश थी या कर्मचारियों की लापरवाही। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि सिक्के कहां और कैसे गायब हुए। इस संदिग्ध स्थिति ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति मिली
इस मामले की जांच में किले की पुलिस ने तिरुवनंतपुरम के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट से मंदिर के छह कर्मचारियों के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने यह अनुमति दे दी है। पुलिस का मानना है कि भले ही पॉलीग्राफ टेस्ट को कोर्ट में साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, लेकिन इससे कर्मचारियों के बयानों में अंतराल पकड़ने और सच तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। यह जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकती है।
विश्व के सबसे धनी मंदिरों में से एक है श्री पद्मनाभस्वामी
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ धन-संपदा के कारण विश्व के सबसे धनी मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जो सांप पर विश्राम करते हुए विराजमान हैं। केरल और द्रविड़ वास्तुकला का अद्भुत संगम इस मंदिर में देखने को मिलता है। इसके अलावा, साबरिमाला के भगवान अय्यप्पा के मंदिर के बाद यह केरल का दूसरा सबसे समृद्ध मंदिर है।
मंदिर की सुरक्षा और आगे की जांच
यह घटना मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की भी जरूरत बताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह घटना किसी चोरी की कोशिश थी या किसी कर्मचारी की लापरवाही। जनता और भक्तों की नजर अब इस जांच पर टिकी हुई है कि मंदिर की प्रतिष्ठा सुरक्षित रहे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।